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हिमाचल आते ही कौवों की तरह कांय-कांय करने लग जाते हैं भाजपा के सांसद: सीएम सुक्‍खू

➤ बल्ह के कंसा मैदान में सीएम सुक्खू ने भाजपा सांसदों पर साधा निशाना

➤ प्रकाश चौधरी को बल्ह से अगला कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करने का ऐलान

➤ पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल और हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर भी उठाए सवाल


मंडी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा मैदान में विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा सांसदों और पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के भाजपा सांसद दिल्ली में अपने शीर्ष नेताओं के सामने अपनी बात नहीं रखते, लेकिन जैसे ही वे हिमाचल पहुंचते हैं, वे ‘कौवों की तरह कांय-कांय’ करने लगते हैं। यह मुख्यमंत्री की ओर से भाजपा सांसदों पर की गई राजनीतिक टिप्पणी थी। उन्होंने कहा कि जो लोग चुप रहते हैं, वे कभी न्याय नहीं कर सकते और प्रदेश सरकार हमेशा जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों के हितों की आवाज को मजबूती से उठाना है। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों, कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े वित्तीय लाभ, सामाजिक कल्याण योजनाओं तथा हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल को लेकर कई आरोप भी लगाए। इन आरोपों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

प्रकाश चौधरी को बल्ह से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करने का ऐलान

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी को बल्ह से कांग्रेस का अगला प्रत्याशी घोषित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बल्ह के लोगों ने पिछले चुनाव में प्रकाश चौधरी को नहीं जिताकर बड़ी गलती की और यदि वह चुनाव जीतते तो आज प्रदेश सरकार में मंत्री होते।

मुख्यमंत्री ने प्रकाश चौधरी को अपना भाई और मित्र बताते हुए क्षेत्र से जुड़ी उनकी मांगों को पूरा करने का भी ऐलान किया। इनमें जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग के डिविजन कार्यालय तथा डीएसपी कार्यालय खोलने सहित अन्य योजनाओं के लिए धन उपलब्ध करवाने की बातें शामिल हैं।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री का डडौर चौक पर स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें रथ पर सवार होकर कंसा मैदान तक लाया गया। रथ पर मुख्यमंत्री के साथ कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा और एपीएमसी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया मौजूद रहे। संजीव गुलेरिया ने रथ के सारथी की भूमिका निभाई।

पिछली भाजपा सरकार को लेकर मुख्यमंत्री के आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में पूर्व भाजपा सरकार पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान ‘डबल इंजन’ सरकार के नाम पर हिमाचल प्रदेश को कर्ज के बोझ में धकेला गया और प्रदेश की संपदा का उचित इस्तेमाल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस अवधि में प्रदेश को जीएसटी प्रतिपूर्ति और आरडीजी के रूप में करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिले, लेकिन इस राशि का उचित उपयोग नहीं किया गया।

इन दावों के संदर्भ में पहले भी हिमाचल की राजनीति में भाजपा सरकार की वित्तीय नीतियों को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने पूर्व भाजपा सरकार पर कर्ज और वित्तीय देनदारियों का बोझ छोड़ने के आरोप लगाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 45 महीने पहले कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनी और एक सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं और उनके दर्द को समझते हुए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया गया।

सुक्खू ने यह भी कहा कि इसके बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की करीब 1,600 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता बंद कर दी। यह मुख्यमंत्री की ओर से किया गया दावा है।

प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक चुनौती का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक चुनौती, दोनों का सामना किया। उन्होंने दावा किया कि आपदा के दौरान राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से करीब 23 हजार क्षतिग्रस्त मकानों का पुनर्निर्माण करवाया।

उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता के सहयोग और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से राजनीतिक चुनौती का सामना किया गया और कांग्रेस विधायकों की संख्या फिर 40 तक पहुंची।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, लोगों को उनके अधिकार दिलाने और कर्मचारियों तथा पेंशनरों को वित्तीय लाभ उपलब्ध करवाने की दिशा में सरकार के काम का उल्लेख किया।

उन्होंने अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया।

किशाऊ बांध परियोजना का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में किशाऊ बांध परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने परियोजना से जुड़े मामलों में प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी की है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिमाचल के संसाधनों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देना है।

जयराम ठाकुर और स्थानीय भाजपा विधायक पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंडी में क्षेत्रवाद का मुद्दा उठाकर भाजपा ने जिले की 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सराज विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर मंडी जिले की विकास के मामले में अनदेखी की गई।

बल्ह विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दोबारा कहा कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश चौधरी चुनाव जीतते तो वह आज प्रदेश सरकार में मंत्री होते।

उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक पर भी आरोप लगाया कि वह विधानसभा में अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज प्रभावी तरीके से नहीं उठाते। साथ ही मुख्यमंत्री ने भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को लेकर भाजपा के भीतर भी असंतोष है।

मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया इस उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए इन दावों को मुख्यमंत्री के संबोधन में व्यक्त राजनीतिक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।